रूप विचार
तू कल वहाँ बड़ा कमरा अवश्य ले।
तुझे कल वहाँ बड़े कमरे अवश्य लेने पड़ेंगे।
यहाँ दो वाक्य दिये गये हैं। पहले वाक्य में सात पद हैं। ये सातों पद मूल रूप में हैं। दूसरे वाक्य में उनमें से चार पद मूल रूप में नहीं रहे। उनमें परिवर्तन या विकार हो गया है, जबकि तीन में परिवर्तन या विकार नहीं हुआ है।
मूल रूप | परिवर्तित रूप |
तू | तू+ को = तुझे |
बड़ा | बड़ा+ए = बड़े |
मूल रूप | परिवर्तित रूप | |
कमरा | कमरा + ए = कमरे | |
ले | ले + ने = लेने (पड़ेंगे) | |
मूल रूप | अपरिवर्तित रूप | |
:--- | :--- | |
कल | कल | |
वहाँ | वहाँ | |
अवश्य | अवश्य |
वाक्य में आने पर शब्दों के रूप बदलते जाते हैं। अतएव शब्द के दो रूप हैं —
१ - मूल रूप या अविकारी
२ - विकारी रूप या परिवर्तित रूप।
शब्दों का रूप-परिवर्तन लिंग, वचन, पुरुष, कारक, काल के कारण हो जाता है, जैसे —
★ लिंग के कारण - लड़का - लड़की
अच्छा - अच्छी
मेरा - मेरी
पढ़ता - पढ़ती
★ वचन के कारण - लड़का - लड़के
अच्छा - अच्छे
मेरा - मेरे
पढ़ता - पढ़ते